Saturday, 3 September 2016

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सीटेट : मैथ्स-जीके पर फोकस से होगा फायदा

CTET 2016


{परीक्षा 18 सितंबर को {बैठेंगे 1 लाख राजस्थानी {नहीं होगी निगेटिव मार्किंग {पास होने के लिए 60 फीसदी अंक जरूरी 


केंद्रीय स्कूलों में शिक्षक बनने का पहला पड़ाव सेंट्रल टीचर एलिजिबलिटी टेस्ट (सीटेट) 18 सितंबर को होगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। सीटेट में ज्यादातर एप्लीकेशन बेस्ड सवाल पूछे जाते हैं। मैथ्स के साथ जनरल अवेयरनेस के सवालों पर भी खास नजर रखनी होगी। परीक्षा में पास होने के लिए 60 फीसदी मार्क्स जरूरी होते हैं।

परीक्षा में सफल होने के बाद अभ्यर्थी केंद्रीय स्कूलों के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती में शामिल हो सकते हैं। सीटेट में दो पेपर होंगे। पहला पांचवीं कक्षा में पढ़ाने के लिए होता है। इसका समय दोपहर दो बजे से शाम 4.30 बजे तक है। वहीं छठी से आठवीं तक पढ़ाने के लिए पेपर-2 सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होगा। जिन अभ्यर्थियों ने दोनों कैटेगरी के लिए आवेदन किया हैं, उन्हें दोनों पेपर देने होंगे। भास्कर ने
एक्सपर्ट्स से जाने एग्जाम से जुड़े महत्वपूर्ण प्वाइंट्स। 


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साइंस : पेपर-2चौथे पेपर के तौर पर साइंस का ऑप्शन रहता है। इसमें 60 सवाल मल्टीपल च्वाॅइस के पूछे जाते हैं। इसमें कंटेंटटेंट मटीरियल ऑफ डेली यूज, वर्ल्ड ऑफ लिविंग जैसे टॉपिक्स से सवाल पूछे जाते हैं। इसमें भी कुछ सवाल पेडागोजी इश्यूज से शामिल किए जाते हैं। 

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इन्वायरमेंटलसाइंस : यहसेक्शन भी दो हिस्सों में बंटा होता है। कंटेंटटेंट और पेडागोजी इश्यूज। फैमिली एंड फ्रेंडस, फूडूड, शेल्टर, ट्रैवल्स जैसे टॉपिक्स में से 15 सवाल पूछे जाते हैं। बाकी 15 सवाल इंवायरनमेंट पेडागोजी इश्यूज से पूछे जाते हैं। 

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पेडागोजी: पेडागोजीके सवाल सीटेट टेस्ट के हर सब्जेक्ट में पूछे जाते हैं। पेडागोजी से यह पता किया जाता है कि किसी परिस्थिति में अभ्यर्थी डिडेट एप्लीकेशन को कैसे लागू करते हैं। उदाहरण के लिए अगर क्लासरूम में बच्चे शोर मचा रहे हैं तो उन्हें कैसे कंट्रोल करेंगे। 

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विषय: सोशलसाइंस और साइंस जैसे सब्जेक्ट में कई फैक्ट बेस्ड सवाल पूछे जाते हैं। यह फैक्ट सिलेबस आधारित होते हैं, इससे पता चलता है कि अभ्यर्थी डिडेट की सब्जेक्ट में कितनी पकड़ है। भाषा में फैक्ट नहीं पूछे जाते हैं और ज्यादातर फैक्ट्स पेपर-2 में ही आते हैं। 

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जनरलअवेयरनेस : सीटेटटेट में एक छोटा पार्ट जनरल अवेयरनेस का भी पूछा जाता है। इसकी तैयारी के लिए हाल ही में दिए गए अवॉर्ड्स, शख्सियत, हाल ही में हुई घटनाओं के बारे में पढ़ लें। परीक्षा की सफलता में यह सेक्शन भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता से पढ़ें। 

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लैंग्वेज : एक्सपर्टमनोज मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल टीचर एलिजिबलिटी टेस्ट (सीटेट) पेपर-1 की लैंग्वेज दो अलग-अलग सेक्शन में पूछी जाती है। दोनों पेपर में रीडिंग कांम्प्रिहेंशन 15-15 मार्क्स के पूछे जाते हैं। बाकी 15-15 सवाल पेडागोजी ऑफ लैंग्वेजेज डवलपमेंट के होते हैं। इसमें बच्चों की भाषा सुनने, समझने से लेकर सीखने तक के कई सिद्धांतों पर सवाल पूछे जाते हैं। पेपर-2 के लिए लैंग्वेजेज के सवाल इन्हीं सेक्शन में बंटे होते हैं, बस टॉपिक्स अलग हो जाते हैं।
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मैथ्स: पेपर-1की मैथ्स में जनरल मैथेमेटिक्स से 15 सवाल पूछे जाते हैं जो हाई स्कूल या उससे नीचे के क्लासों के स्तर के होते हैं। इसमें डाटा हैंडलिंग, मेजरमेंट जैसे टॉपिक्स से सवाल पूछे जाते हैं। बाकी 15 सवाल पेडागोजी के होते हैं। पेपर-2 में मैथ्स के टॉपिक बदल जाते हैं। इनमें नंबर सिस्टम, अलजेब्रा, जियॉमेट्री और डेट डेटा हैंडलिंग के टॉपिक्स से सवाल पूछे जाते हैं। अभ्यर्थियों को मैथ्स के सवाल हल करते समय समय का भीध्यान रखना चाहिए। 

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साइकोलॉजी : एक्सपर्ट्ससुनील पारीक बताते हैं कि यह सब्जेक्ट चाइल्ड साइकोलॉजी, एजुकेशन साइकोलॉजी ऑफ टीचिंग और लर्निंग आधारित होता है। खासकर 11 से 14 साल तक के बच्चों के सीखने की क्षमता पर। इसमें फोकस उनकी जरूरतों, उनसे जुड़े मनोविज्ञान, अलग-अलग तरह के बच्चों के सीखने और उनसे इंटरएक्शन की तकनीक जैसे विषयों पर आधारित होता है। सेंट्रल टीचर एलिजिबलिटी टेस्ट (सीटेट) के पेपर-1 में इस सेक्शन में चाइल्ड डवलपमेंट के 15 सवाल पूछे जाते हैं। लर्निंग एंड पेडागोजी (बच्चों को पढ़ाने का खास तरीका) से 10 सवाल पूछे जाते हैं। पेपर-2 के लिए भी सवालों का यही पैटर्न होता है।


पेपर 1 : सभीसेक्शन अटेम्प्ट करना जरूरी 

यहपेपर पांच सेक्शन में बंटा होता है। ये सेक्शन हैं, चाइल्ड डवलपमेंट एंड पेडागोजी, लैंग्वेज-1, लैंग्वेज-2, मैथेमेटिक्स और इन्वायरमेंटल साइंस। हर सेक्शन में 30 सवाल होंगे और पूरा पेपर 150 मार्क्स का होगा। सभी सेक्शन अटेम्प्ट करना जरूरी है।
सभी सवाल मल्टीपल चॉइस के होंगे

सीटेट के पेपर में सभी सवाल मल्टीपल चॉइस बेस्ड आते हैं। हर सवाल एक नंबर का होता है। अच्छी बात यह है कि अगर सवाल गलत हो जाता है तो उसका कोई अंक नहीं कटता है। 


पेपर-2 में भी कुल 150 सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन इसमें चाइल्ड डवलपमेंट एंड पेडागोजी, लैंग्वेज-1 और लैंग्वेज-2 के पेपर जरूरी होते हैं। चौथे सेक्शन में सब्जेक्ट चुनने के कई ऑप्शन होते हैं। इसमें पहला ऑप्शन मैथ्स एंड साइंस का और दूसरा सोशल स्टडी एंड सोशल साइंस का होता है। इसमें 60 सवाल पूछे जाते हैं। अभ्यर्थी इसकी तैयारी पर विशेष फोकस करें।

- Source: Dainik bhaskar
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